15 मई 2026 को भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने एक सुनवाई के दौरान देश के बेरोज़गार युवाओं को "कॉकरोच" कहा। अगले ही दिन, 16 मई को, बोस्टन यूनिवर्सिटी के 30 वर्षीय PR छात्र अभिजीत डिपके ने एक ट्विटर अकाउंट खोला और उसका नाम रखा — कॉकरोच जनता पार्टी। 72 घंटे में एक लाख से ज़्यादा लोग सदस्य बन गए। यह कहानी है उसी आंदोलन की।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) है क्या?
CJP एक व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन है — एक सार्वजनिक दबाव अभियान, अभी तक भारत निर्वाचन आयोग में पंजीकृत पार्टी नहीं। इसका टैगलाइन है: "Secular. Socialist. Democratic. Lazy." — यानी "धर्मनिरपेक्ष। समाजवादी। लोकतांत्रिक। आलसी।"
पहले तीन शब्द भारतीय संविधान की प्रस्तावना से उठाए गए हैं। चौथा शब्द — "Lazy" / "आलसी" — मुख्य न्यायाधीश की उसी टिप्पणी का सीधा जवाब है जिसने इस आंदोलन को जन्म दिया। यह कोई संयोग नहीं; यह पूरी ब्रांडिंग की रीढ़ है। विस्तार से समझिए "Secular. Socialist. Democratic. Lazy." का डिकोडिंग।
आंदोलन की शुरुआत: सूर्य कांत वाली टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट में फ़र्ज़ी लॉ डिग्री वाले मुक़दमे की सुनवाई में मुख्य न्यायाधीश ने कहा:
ऐसे युवा भी हैं जो कॉकरोच की तरह हैं, जिन्हें कोई रोज़गार नहीं मिलता और जिनकी कोई जगह नहीं है किसी प्रोफ़ेशन में। कोई मीडिया बन जाता है, कोई RTI एक्टिविस्ट, और सब पर हमला करने लगते हैं।
मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत, सुप्रीम कोर्ट · 15 मई 2026
अगले दिन उन्होंने स्पष्टीकरण दिया कि यह टिप्पणी सिर्फ़ फ़र्ज़ी डिग्री वाले लोगों के लिए थी, बेरोज़गार युवाओं के लिए नहीं। लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। पूरी पृष्ठभूमि — CJI सूर्य कांत की कॉकरोच टिप्पणी।
स्लोगन: "मैं भी कॉकरोच"
आंदोलन का सबसे ज़ोरदार नारा है — "मैं भी कॉकरोच" (Main Bhi Cockroach)। मतलब साफ़ है: अगर बेरोज़गार युवा को कॉकरोच कहा गया, तो हम सब कॉकरोच हैं। यह वही पुरानी रणनीति है जो दुनिया भर के आंदोलनों ने अपनाई — गाली को पहचान बना दो। नारे की पूरी कहानी यहाँ पढ़िए।
संस्थापक: अभिजीत डिपके
अभिजीत डिपके, उम्र 30 साल, बोस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस के छात्र हैं। 2020 से 2023 तक उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) की सोशल मीडिया टीम में वॉलंटियर का काम किया था। उनके अपने शब्दों में, CJP का विचार "अचानक" आया और उन्हें इतनी बड़ी प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं थी। और पढ़ें — अभिजीत डिपके की पूरी जीवनी।
संस्थापक का बयान
डिपके ने एक प्रमुख बयान में कहा है — "हम किसी भी राजनीतिक पार्टी के साथ नहीं जुड़ेंगे, ख़ासकर BJP के साथ नहीं। अगर विपक्षी नेता हमारा सार्वजनिक समर्थन करना चाहते हैं तो ठीक है। लेकिन हम किसी मौजूदा पार्टी ढाँचे का हिस्सा नहीं बनना चाहते।" इस बयान की लाइन-दर-लाइन पढ़ाई — संस्थापक की चिट्ठी डिकोडेड।
5-सूत्री मेनिफेस्टो (हिंदी में)
- सेवानिवृत्त CJI को राज्य सभा नहीं। कोई भी मुख्य न्यायाधीश सेवानिवृत्ति के बाद राज्य सभा सीट का हक़दार नहीं — न्यायपालिका तभी स्वतंत्र है जब बेंच पर बैठ कर अगली नौकरी का ऑडिशन न दिया जा रहा हो। पढ़ें — राज्यसभा-CJI बैन।
- हटाए गए वोट के लिए CEC पर UAPA। अगर किसी भी राज्य में किसी भी सरकार के तहत एक भी वैध वोट हटाया गया, तो मुख्य चुनाव आयुक्त UAPA के तहत गिरफ़्तार हों। वोट चुराना आतंकवाद है। पूरी व्याख्या — CEC और UAPA।
- महिला आरक्षण 55%। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का 33% तो शुरुआत थी, अंत नहीं। आबादी के हिसाब से प्रतिनिधित्व चाहिए। — 55% महिला आरक्षण।
- वोट डिलीशन पर समयबद्ध कार्रवाई। चुनाव आयोग की हर वोट डिलीशन की जाँच एक तय समय में पूरी हो, और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो। — वोट डिलीशन की पूरी कहानी।
- युवाओं के लिए राजनीतिक साक्षरता। "आलसी, ऑनलाइन, कॉकरोच" पीढ़ी की ऊर्जा को मतदाता शिक्षा, पंचायत और नगर निगम चुनाव में हिस्सेदारी की तरफ़ मोड़ना। — राजनीतिक साक्षरता।
सम्मानित सदस्य
दो TMC सांसदों ने CJP की प्रतीकात्मक सदस्यता खुलकर स्वीकार की है — महुआ मोइत्रा (कृष्णानगर) और कीर्ति आज़ाद (बर्धमान-दुर्गापुर)। दोनों TMC के निर्वाचित सांसद बने रहेंगे — CJP की सदस्यता सिर्फ़ सांकेतिक है। पढ़ें — महुआ मोइत्रा और CJP।
CJP के सदस्य कैसे बनें?
- सदस्यता नि:शुल्क है। कोई कार्ड फ़ीस नहीं, कोई पार्टी लाइन नहीं।
- 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र का कोई भी भारतीय नागरिक सदस्य बन सकता है। 18 से कम उम्र वाले समर्थक "ग़ैर-मतदाता सदस्य" के रूप में स्वागत हैं।
- नाम, ईमेल, शहर, राज्य, उम्र — इतना दर्ज करें। आप 1,00,001 कैडर हो जाते हैं।
- सीधे फ़ॉर्म — CJP से जुड़ें।
क्या CJP सच में एक पार्टी है?
हाँ और नहीं। आंदोलन सच है। एक लाख से ज़्यादा सदस्य सच हैं। मेनिफेस्टो सार्वजनिक है। दो सांसदों ने सांकेतिक सदस्यता ली है। लेकिन CJP अभी भारत निर्वाचन आयोग में पंजीकृत राजनीतिक दल नहीं है — यह ख़ुद को "व्यंग्यात्मक राजनीतिक आंदोलन" और "सार्वजनिक दबाव अभियान" कहता है।
आंदोलन की पूरी कहानी पढ़िए। 5-सूत्री मेनिफेस्टो, फिर सदस्यता फ़ॉर्म। कॉलोनी आपके आने का इंतज़ार कर रही है।